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शैल्बी में हुआ एकदिवसीय कॉम्प्लैक्स एंजियोप्लास्टी वर्कशॉप का आयोजन
इंदौर, 23 फरवरी 2024। भारत समेत पूरी दुनिया में ह्रदय रोगियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इस जटिल रोग के उपचार के लिए हाल ही में शैल्बी मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल के कार्डियोलॉजी विभाग द्वारा कॉम्प्लेक्स एंजियोप्लास्टी वर्कशॉप का आयोजन किया गया। शैल्बी कैथ लेब में हुई इस वर्कशॉप में अहमदाबाद से आए ह्रदय रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रकाश वीर पारिख, शैल्बी हॉस्पिटल इंदौर के इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. सिद्धांत जैन, डॉ. शिरीष अग्रवाल, डॉ. अर्पित जैन और शैल्बी की कैथ लैब टीम द्वारा मरीजों का उपचार किया गया एवं लम्बे समय से पूरी तरह ब्लॉक हो चुकी धमनियों को रोटा ब्लेशन, आईवीयूएस इमेजिंग और इंट्रा वैस्कुलर लिथोट्रिप्सी और कॉम्प्लेक्स एंजियोप्लास्टी से खोला गया।
अहमदाबाद से आए ह्रदय रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रकाश वीर पारिख के अनुसार, “सीटीओ यानी दिल की नसों का 100% ब्लॉक होना। सीटीओ एंजियोप्लास्टी को बहुत ही जटिल एवं जोखिम कारक माना जाता है, इस तरह के मरीजों को सामान्यतः बाईपास सर्जरी की सलाह दी जाती है। एडवांस तकनीकों के द्वारा सीटीओ एंजियोप्लास्टी वर्कशॉप और स्टेटिंग करने से इन सभी मरीजों की बिना बाईपास के दिल की धमनियों में रक्त का प्रवाह दोबारा चालू किया जा सकता हैं और उन्हें बिना बड़ी सर्जरी या चीर फाड़ के एक अच्छा इलाज मिलता है।”
कार्डियोलॉजी डिपार्टमेंट के डायरेक्टर डॉक्टर सिद्धांत जैन ने बताया, “एंजियोप्लास्टी एक बहुत ही जटिल और चुनौतीपूर्ण प्रक्रिया मानी जाती है। इसके उपचार के लिए आई वी यू एस(IUVS) और रोटा ब्लेशन जैसी उन्नत टेक्नोलॉजी का भी सहारा लिया गया। इंदौर के शैल्बी हॉस्पिटल में ये तकनीकें विगत कई वर्षों से मौजूद हैं, एवं पूरे प्रदेश के मरीजों का इसका लाभ मिल रहा है। वर्कशॉप के सारे मरीजों की सर्जरी बिना किसी जोखिम के 100% सफलता से पूर्ण की गई और वे सभी पूर्णता स्वस्थ हैं।”
शैल्बी इंस्टीट्यूट ऑफ़ कार्डियक साइंसेज में कोरोनरी एंजियोग्राफी, कोरोनरी एंजियोप्लास्टी एवं स्टेन्ट, रेडियल एंजियोग्राफी (हाथ की नस द्वारा), इंट्रावैस्कुलर अल्ट्रासाउंड (IVUS), रोटा ब्लेशन (ROTABLATION), फ्रैक्शनल फ्लो रिजर्व (FFR), पेसमेकर, ICD / CRT प्रत्यारोपण, पेरीफेरल इंटरवेंशन एवं स्टेन्ट, TAVI / TEVAR, डिवाइस क्लोज़र (ASD / VSD / PDA), दिल की असामान्य धड़कन का उपचार (EP Study, RF Ablation) जैसी विश्वस्तरीय हृदय रोग सुविधाएँ उपलब्ध हैं।
डॉक्टर सिद्धांत जैन, डॉ मोहम्मद अली एवं उनकी टीम मिनिमल इनवेसिव कार्डियक सर्जरी के लिए भी जानी जाती है, जिसमें कम दर्द, बिना संक्रमण के खतरे के छोटे चीरे लगाकर ही शीघ्र स्वास्थ्य लाभ लिया जा सकता है। मिनिमल इनवेसिव कार्डियक सर्जरी के साथ साथ शैल्बी हॉस्पिटल में एंडोस्कोपिक वेसल हार्वेस्टिंग, टोटल आर्टियल रिवैस्कुलराइजेशन, सर्जिकल और एंडोवास्कुलर, एओर्टिक एन्यूरिज्म का उपचार, एमआईसीएस वाल्व सर्जरी, मिनिमल इनवेसिव कार्डियक सर्जरी वाल्व सर्जरी, काम्प्लेक्स रेडो सर्जरी, ट्रांसकैथेटर एओर्टिक वाल्व इम्प्लांटेशन (TAVI) जैसी आधुनिक उपचार पद्धति उपलब्ध है।


